टीवी इंटरव्यू में बोले सीएम खट्टर, राम रहीम मामले को मानवीय दृष्टिकोण से हल किया

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Tuesday, September 12, 2017-1:27 AM

नई दिल्ली: साध्वी यौन शोषण मामले में आरोपी गुरमीत राम रहीम के दोषी करार दिए जाने के बाद हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने एक टीवी इंटरव्यू में अपनी बात रखी है। इस दौरान उनसे कई तीखे सवाल पूछे गए जिनका उन्होंने बेवाकी से जवाब दिया। एक नजर खट्टर से पूछे गए सवाल और जवाब पर:

खट्टर सरकार ने बाबा राम रहीम के सामने आत्मसमर्पण कर दिया?
उत्तर:हमारे ऊपर कोई प्रेशर नहीं था, हमारे ऊपर प्रेशर था कि अगर कहीं ऐसी स्थिति पैदा हो गई कि अगर राम रहीम कोर्ट में पेश नहीं होते और अगर कोई भी बहाना लगाते हैं किसी भी प्रकार का, आज तो जो नुकसान होगा उनके यहां आने पर कितना होगा कितना नहीं होगा इसका पोस्टमार्टम बाद में होता रहेगा। लेकिन हमने जो वि’वलाइज किया,हमने उसका पूर्वानुमान लगाया कि अगर बाबा को कहीं सिरसा में से डेरे में से निकालना पड जाता, डेरे में लगभग एक लाख लोगों के रुकने की व्यवस्था है। और उनके कई लाखों अनुयायी हैं। अगर ऐसी स्थिति पैदा हो जाती कि हमने उनको न आने के लिए कोई बहाना दे दिया और डेरे में से निकालना पड़ता तो भारी नुकसान हो सकता था। उस समय क्या दृश्य बनेगा इसकी कल्पना कोई नहीं कर सकता।

प्रश्न: राम रहीम के स्वागत के लिए एक लाख लोगों को सड़कों पर आने दिया?
उत्तर: हमने कोई स्वागत नहीं करवाया था। चूंकि उनको न आने के लिए हमने कई प्रकार के निर्णय लिए, हमने बसें रोकी टे्रेने रोकी पंचकूला के 17 नाके लगाए लेकिन जो लोग आ रहे हैं उनके अंधभक्त हैं। जिनको असलियत में बाबा की हकीकत के बारे पता नहीं है वो पता नहीं किन- किन रास्तों से अंदर आए। बहुत बड़ी संख्या में लोग पंजाब से भी आए।

प्रश्न:धारा 144 में एक लाख लोग कैसे इक्क्ठा हो गए?
उत्तर: धारा 144 का अर्थ ये होता है कि पांच आदमी हथियरों के साथ नहीं चल सकते और हमने इसकी पूरी छानबीन की कि जो लोग आए थे उनके अंधभक्त थे। किसी के पास हथियार नहीं थे। आप मीडिया की सारी क्लिपिंग उठा के देख लीजिए उनके हाथ में पेडों से तोड़े हुए कुछ डंडे जरूर मिले ओर वो कोई भी कहीं से भी तोड़ सकता है। लेकिन किसी के हाथ में कोई हथियार नहीं था।
 
प्रश्न:ऐसी कोशिश क्यों नहीं की गई कि लोग इक्क्ठा ही नहीं होने पाए?

उत्तर: हमारा ये सोचना था कि बाबा किसी भी तरीके से वहां उपस्थित होता है तो कल के संकट को बचाया जा सकता है। हमको ये भी ध्यान में था कि अगर कहीं किसी प्रकार की घटना 25 तारीक से पहले हो गई तो पर्याप्त बड़ा कारण बन जाएगा कि राम रहीम अपने डेरे से चलेगा कि नहीं चलेगा, क्योंकि हमको 24 तारीक की आधी रात तक भी ये पता नहीं था कि वो चलकर आएगा या नहीं आयेगा, आयेगा तो कौन से रूट से आयेगा। वो हरियाणा के रूट से आयेगा या पंजाब के रूट से आयेगा क्योंकि सिरसा चंडीगढ के दोनों रूट लगते हैं। ये भी नहीं पता था कि वो अपनी गाड़ी में आयेगा या काफिले में आयेगा या बाई एयर आयेगा। उन्होंने एक बार ये भी एलाउंस किया था कि वो हेलीकाप्टर से आयेगा। ऐसे कम से कम 9 सिनेरियो बनते थे जिन पर हमने काम किया।

प्रश्न: एक बार बाबा से पूछ लेते बाबा कौन से रास्ते से आयेंगे?
उत्तर:हमने और हमारी फोर्स ने ये भी सारे प्रयत्न किये। पहली बात तो ये कि बाबा किसी को मिलता नहीं था और अगर कोई बीच के आदमी मिलकर बताते भी थे तो तीन दिन पहले कोई सिनेरियो था, दो दिन पहले कुछ ओर था एक दिन पहले कुछ ओर था। वो हमको उनके भ्रम में रखने की नीति थी ऐसा मुझे लगता है

प्रश्न:15 अगस्त को आपके 2-2 मंत्री बाबा को मिले, 50 लाख का चैक देकर आए थे वहीं पूछ लेते उनसे?
उत्तर: उस समय की परिस्थिति ऐसी नहीं थी। हमने इन तीन दिनों में प्रयत्न किये कि आपने चंडीगढ़ आना है कैसे आएंगें इसका कोई सही उत्तर हमें नहीं मिला। हमने हर प्रकार की ऐसी परिस्थिति बनाई थी कि कोई भी कारण ऐसा न बने जिस कारण बाबा को कोई बहाना मिले कि मैं अदालत में पेश नही होऊंगा, मैं मेडिकल सर्टिफिकेट भेज दूंगा या किसी किसी और बहाना बनाएगा। अगर ऐसा कुछ हो जाता, मुझे भयावह स्थिति दिख रही थी। एक बहुत बड़ा नुकसान होता इसलिए हमने पहले कोई ऐसा चांस नहीं लिया जिसके कारण बाबा को कोई बहाना मिलता।

प्रश्न:आप ये कह रहे हैं कि ये जो एक लाख लोगों को इक्क्ठा होने दिया उन पर किसी तरीके से रोक नहीं लगाई ये ऐसे ही था कि जैसे शेर को बाहर बुलाने के लिए बकरी बांध देते पेड़ से ?

उत्तर: आप इसमें किसी भी प्रकार के उदाहरण दे सकते हैं हमने अपनी सारी योजना इस प्रकार से बनाई कि बाबा को पेश होना चाहिए जो होना है वन्स फॉर ऑल ।

प्रश्न:200 गाडिय़ों का काफिला तो रोक लेते?
उत्तर: आपने सही सवाल किया लेकिन हम उसको कोई ऐसा बहाना नहीं देना चाहते थे, बाबा का काफिला डेरे के अंदर से निकलता है और बाबा का केस सीबीआई कोर्ट लड़ रही थी सीबीआई कोर्ट ओर बाबा के बीच में मामला था। सरकार का कोई ऐसा रोल नहीं था कि हम रास्ते में किसी को रोकें क्योंकि रास्ते में रोकने का कोई प्रावधान नहीं है। वो 200 गाड़ी में आए वो 1000, 2000, 8000 गाड़ी में आए। अगर कहीं उन गाडिय़ों को रोकने का कारण वही बनता और रास्ते में भी टसन होती और उसमें परिस्थिति वही बनती। हमारा गाडिय़ों से कोई मतलब नहीं है उसका कोई अर्थ नहीं है हमारा एक ही अर्थ है बाबा को पेश होना चाहिए। बाबा नहीं आता और केवल गाडिय़ां आ जाती उसका भी क्या करना था। बाबा आया गाडिय़ां कितनी आयी हमें इसकी कोई चिंता नही है।

प्रश्न: इंटेलिजेंस ने आपको बताया होगा बाबा कहां था और कौन सी गाड़ी में है किस गाड़ी में आ रहा है?
उत्तर: हमें ये बताया गया कि उसके काफिले में 5 गाडिय़ां चलती हैं और बाबा का जो भी काफिला है वो लगातार ऐसे ही चलता है पहली बार इतनी गाडिय़ां आयी ऐसा नहीं है वो जहां भी जाता है इसी प्रकार के काफिले में जाता है। पांच गाडिंयां एक कलर की होती हैं किसी को ये पता नहीं कि बाबा किस गाड़ी में है हमारे इंटेलिजेंट्स अपने समाचार के हिसाब से बताया कि इस नंबर की इस गाड़ी में बाबा है। हमारी इंटेलिजेंट्स ने बिल्कुल सही सूचना दी।

प्रश्न: क्या ये भी सच है कि हरियाणा पुलिस के जो कमांडो बाबा की सुरक्षा में लगे थे उन्होंने कोर्ट को फैसला आने से बाद उसको रेस्क्यू करने की कोशिश की भगा कर ले जाने की कोशिश की? 
उत्तर: इस बात में एक सत्यता है और केवल हरियाणा पुलिस के कमांडो ही नहीं बल्कि 8 पुलिस कर्मी ऐसे मिले हैं जो पंजाब पुलिस के हैं। वो पंजाब पुलिस के लोग हरियाणा के एक व्यक्ति को एक्सकोट करने के लिए वहां से भेजे गए किस अथोरिटी से भेजे गए हमें मालूम नहीं। उन आठ के आठ व्यक्तियों के पास दो-दो हथियार मिले हैं जबकि पुलिस के पास एक हथियार रखने की अथोरिटी है। हमने उन पांच लोगों को तुरंत सस्पेंड किया और नौकरी से निकाल दिया ऐसे ही पंजाब पुलिस के उन आठ लोगों को हमने पकड़ा है। हमारी पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स ने उनकी इस साजिश को विफल किया ।

प्रश्न:लाल बैग वाले बाबा को आपने वीआईपी बना दिया?
उत्तर: बिल्कुल, आज आप जितना बता रहे हैं लोग बाबा की सारी परतें खोल रहे हैं। जिस प्रकार का उनका मेटर था हाई प्रोफाइल अपराधी को 200 किलोमीटर सड़क मार्ग से ले जाना जहां उसके समर्थक खड़े थे हम इस प्रकार का रिस्क नहीं उठा सकते थे।

प्रश्न : बेटी को साथ क्यों ले गया ये भी बताइये?
उत्तर: बाबा जब कोर्ट में पेश हुआ तो उनकी बेटी ने कहा कि जज साहब हमें साथ जाने की इजाजत दी जाए सीबीआई जज ने उनको अनुमति दी कि आप कोर्ट में जाकर खड़ी हो सकती हैं। अदालत में बहुत लोग होते हैं ऐसे में अगर उनकी बेटी भी अदालत में बैठकर खड़ी होती है तो हम किसी को रोक नहीं सकते। अदालत के बाद कोई आरोपी दोषी ही बनेगा उसके बाद आगे की कार्रवाई होती है।

उनको दोषी करार दे दिया गया जज से फिर पूछा और उन्होंने कहा उनके वकील ने कहा और राम रहीम के वकील ने भी कहा उनकी बेटी ने भी कहा कि मैं इनकी फिजिशियन हूं इनको मेडिकल हेल्प देने के लिए मेरी आवश्यकता रहती है, और उन्होंने भी कहा कि उनको साथ रहने की अनुमति दी जाए। जज साहब ने कहा कि ये काम मेरा नहीं है। प्रोपर अथोरिटी आपको इसकी अनुमति देगी तो ठीक है नहीं तो नहीं। अब चूंकि प्रोपर अथोरिटी तो जेल में हमने सुनारिया रोहतक में लेकर जाना था प्रोपर अथोरिटी ने निर्णय रोहतक में लेना था। इस प्रकार के हाई प्रोफाइल जो भी अपराधी होता है उसको अगर वहां जाकर वो कहता कि इसकी बेटी को रहने की अनुमति हम देते हैं और वो साथ नहीं जाती, एक तो मानवीय दृष्टिकोण से भी निर्णय लिया गया। इनकी बेटी को रास्ते में इनकी मेडिकल हेल्प के लिए भेजा गया।  


 

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