इस जवान ने भी उठाई थी अधिकारियों खिलाफ अवाज, जानिए क्या हुअा था हश्र

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Thursday, January 12, 2017-12:05 AM

महेंद्रगढ़ (प्रदीप बालरोड़िया): BSF के खाने को लेकर आवाज उठाने वाला महेंद्रगढ निवासी जवान तेजबहादुर यादव के वीडियो के वायरल होने के बाद और भी पूर्व सैनिक सामने आ रहे हैं। BSF से रिटायर इंस्पेक्टर मुरारीलाल ने बताया कि उसने भी राशन में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई तो उसे बहुत यातनाएं दी गई व् साजिश रच कर पागल घोषित किया गया। 


जवान तेज बहादुर के सनसनीखेज खुलासे के बाद देश की रक्षा में तैनात सैनिकों की दुर्दशा उजागर हो गई है। गृह मंत्री ने रिपोर्ट मांगी है परन्तु BSF में सिस्टम में खामियां कोई नई बात नहीं है। BSF सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने वाले जवानों को तरह-तरह की यातना दी जाती है। रेवाड़ी के अहरोद गांव निवासी BSF से इंस्पेक्टर पद से रिटायर मुरारीलाल ने बताया की जो तेज बहादुर ने आरोप लगाए हैं वे बिल्कुल सही है। मुरारीलाल ने भी नौकरी के दौरान जब सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाई तो उसे तरह-तरह की यातनाएं दी गई और मेंटली डिस्टर्ब घोषित कर दिया गया। परन्तु लम्बी लड़ाई के बाद उसे न्याय मिल पाया। उसे परेशान करने के लिए उसके खिलाफ सात केस लगा दिए और बार-बार बदली की जाती रही। 


ड्यूटी के दौरान मुरारीलाल ने राशन घोटाले की खिलाफ आवाज उठाई थी। रिटायर होने के बाद भी मुरारीलाल BSF के सिस्टम के खिलाफ कोर्ट व पत्राचार के माध्यम से अपनी लड़ाई जारी रखे हुए हैं। मुरारीलाल का मानना है कि तेज बहादुर को भी सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने के जुर्म में BSF के अधिकारी पागल करार दे देंगे और सिस्टम को सुधरने की बजाए उसे ही गलत साबित करने का प्रयास करेंगे।

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