आरोपी अशोक ने हरियाणा पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप, CBI को बताया सच(Video)

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Saturday, November 18, 2017-12:35 PM

गुरुग्राम(ब्यूरो): प्रद्युम्न मर्डर केस में आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार आरोपी अशोक ने सीबीआई को बताया है कि गुरुग्राम पुलिस ने करंट लगाकर आरोप कबूल करवाया है। सूत्रों ने यह खुलासा अशोक द्वारा सीबीआई को दिए गए बयान के आधार पर किया गया है। हालांकि अधिकारिक तौर पर सीबीआई ने इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। हरियाणा सरकार द्वारा मामला सीबीआई के अधीन किए जाने के बाद 22 सितंबर को एंजेसी ने मामला दर्ज किया था। 23 सितंबर को गुरुग्राम के रेयन इंटरनेशनल स्कूल में टीम ने पहुंचकर जांच शुरू की थी। 24 सितंबर को आरोपी अशोक को जेल से स्कूल ले जाकर क्राइम सीन री-क्रिएट किया गया था।

आरोपी अशोक का चौंकाने वाला खुलासा
इस दौरान उसके बयान भी दर्ज किए गए थे। सूत्रों ने बताया कि बयानों में अशोक ने सीबीआई अधिकारियों को कहा कि उसने प्रद्युम्न की हत्या नहीं की है। गुरुग्राम पुलिस ने उसे जबरदस्ती फंसाया है। उससे आरोप कबूल करवाने के लिए थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया गया। उसे पानी में भिगोकर मारा गया। जब इससे भी बात नहीं बनी तो उन्होंने उसे करंट लगाने में भी गुरेज नहीं किया। मजबूरन उसे यह गुनाह अपने सिर लेना पड़ा। वह बाथरूम में गया जरूर था लेकिन उसने उसे मारा नहीं।

अशोक हाथ-मुंह धोने गया था बाथरूम
अशोक ने बताया कि वह घटना से एक दिन पहले व घटना वाले दिन काम में व्यस्त होने के चलते नहा नहीं पाया था। ऐसे में उसे काफी हिचक महसूस हो रही थी। 8 सितंबर को स्कूल पहुंचने के बाद वह बाथरूम में गया था और वहां पहुंचकर उसने हाथ-मुंह धोया। अपने बालों को धोया। जब वह वापस लौटने लगा तो माली हरपाल आया और उसने कहा कि मैडम ने उसे जल्दी बुलाया है।

पुलिस ने अपनी शाख बचाने के लिए अशोक को बनाया निशाना
आरोपी अशोक ने कहा कि वह मैडम के पास पहुंचा तो उन्होंने खून से लथपथ बच्चे को उठाकर अस्पताल ले चलने को कहा। इससे उसके कपड़ों पर खून लग गया। इस पर उसे मैडम ने कहा था कि कपड़े धो लो। इसके बाद ही उसने कपड़े धोए थे। जब उसे माली हरपाल बुलाने आया था तो वह उसे मार ही कैसे सकता है। पुलिस ने अपनी साख बचाने के लिए निशाना बनाया और उस पर बच्चे की हत्या का आरोप मढ़ दिया।

CBI जांच के बाद अशोक को क्लीन चिट
सूत्रों ने बताया कि सीबीआई द्वारा अदालत में दिखाई गई सीडी से भी मामला काफी हद तक स्पष्ट हो गया। सीबीआई ने मामले में जिस मैडम का नाम सामने आया था उससे भी पूछताछ की और माली हरपाल से भी पूछताछ की। इसके बाद सीबीआई ने गुरुवार को अदालत में कहा कि अशोक ने प्रद्युम्न को नहीं मारा लेकिन मामला नाजुक दौर में है, ऐसे में उसे जमानत न दी जाए। सीबीआई की जांच पूरी होने के बाद ही अशोक को क्लीन चिट मिल सकती है।

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