बिना वर्दी कोर्ट पहुंचे पूर्व SP, जज ने सुनाई 'सजा'

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Friday, January 12, 2018-10:18 AM

कैथल (अजय): कैथल के एस.पी. रहे सुमेर प्रताप सिंह जेल जाते-जाते बाल-बाल बचे। हुआ यूं कि वह भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत सरकार बनाम राममेहर नामक केस में बतौर गवाह सैशन जज एम.एम. धौंचक की कोर्ट में पेश हुए और अपना बयान कलमबद्ध करवाया। इस केस में वह पुलिसकर्मी के खिलाफ उक्त एक्ट के तहत कार्रवाई से पूर्व स्वीकृति प्रदान करने के कारण अभियोजन पक्ष के गवाह थे। कोर्ट ने पाया कि एस.पी. पुलिस की वर्दी में कोर्ट में नहीं आए। 

उनसे कारण पूछा गया तो सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि वह इन दिनों पुलिस के दूर संचार विंग में पंचकूला में तैनात हैं जहां केवल 2 दिन ही वर्दी पहननी अनिवार्य है। वीरवार का दिन वर्दी पहनने के लिए निर्धारित नहीं है। जिस पर कोर्ट ने उक्त अधिकारी को भारतीय दंड संहिता की धारा 226 व सी.आर.पी.सी. की धारा 345 का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्दी में न आना न्यायालय की अवमानना है। इसलिए प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ क्यों न कार्रवाई की जाए? जिस पर सैशन जज ने उन्हें कोर्ट में बिठा लिया। 

उधर कोर्ट के बाहर भी रोचक स्थिति उत्पन्न हो गई और पुलिस के दूसरे अधिकारी स्थिति को सम्भालने में जुटे रहे। स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस एस.पी. ने कोर्ट से बिना किसी शर्त के माफी मांगी व सैशन जज धौंचक ने अपना करीब एक पेज का फैसला पढ़कर सुनाया, जिनमें सभी संबंधित कानूनों की धाराओं का उल्लेख किया और कहा कि आई.पी.एस. अधिकारी ने न्यायालय की अवमानना की है, लेकिन चूंकि उन्होंने बिना शर्त माफी मांग ली है इसलिए कोर्ट द्वारा नर्म रवैया अपनाते हुए उन्हें केवल भविष्य में चेतावनी देकर छोड़ा जा रहा है। बता दें कि बिना वर्दी कोर्ट में न आने पर सैशन जज पहले एक मुख्य सिपाही को 1 माह की जेल में भेज चुके हैं।

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