तर्कवादियों, विचारकों व लेखकों की आवाज दबाने की सुनियोजित साजिश:सुरजेवाला

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Saturday, September 9, 2017-11:27 AM

कैथल (गौरव):कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को 72 घंटे भी नहीं बीते कि भाजपा व देश के कानून मंत्री ने इस पत्रकार के संबंध नक्सलवादियों से जोडऩे वाला निंदनीय बयान देकर देश को शर्मसार कर डाला। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं, लंकेश की हत्या पर सोशल मीडिया के माध्यम से उन लोगों द्वारा व्यापक जश्न मनाया गया जिन्हें प्रधानमंत्री ‘ट्विटर पर फालो’ करते हैं। इसके बावजूद भाजपा के सोशल मीडिया प्रमुख इसे अभिव्यक्ति की आजादी का हिस्सा बताते हैं। प्रैस के नाम जारी बयान में सुरजेवाला ने कहा कि नफरत की पराकाष्ठा की हद तो तब हो गई जब कर्नाटक के भाजपा विधायक, डी.एन. जीवराज ने सार्वजनिक तौर से यह कहा कि अगर गौरी लंकेश ने ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व भाजपा के बारे में न लिखा होता तो वह आज जिंदा होती’। 

उन्होंने कहा कि विडम्बना यह भी है कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भाजपा मुख्यालय की प्रैसवार्ता में तर्कवादी एम.एम. कलबुर्गी की हत्या की चर्चा तो की, पर यह बताना भूल गए कि 2 और तर्कवादियों गोविंद पानसरे व नरेंद्र दाभोलकर की हत्या में महाराष्ट्र सरकार ने कार्रवाई क्यों नहीं की। सुरजेवाला ने कहा कि यह तर्कवादियों, विचारकों व पत्रकारों को अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने की सुनियोजित साजिश है।

सुरजेवाला ने पी.एम. से पूछे सवाल
सुरजेवाला ने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल किया कि वे पत्रकार लंकेश की हत्या पर चुप क्यों हैं और इस हत्या पर जश्न मनाने वालों को ट्विटर पर क्यों फालो करते हैं? उन्होंने पूछा कि क्या भाजपा व कानून मंत्री भाजपा विधायक जीवराज के विवादित बयान से सहमत हैं। वहीं, भाजपा व कानून मंत्री, लंकेश को नक्सलवादी समर्थक होने की बेबुनियाद बात किस आधार पर कह रहे हैं और क्या यह सच नहीं कि पत्रकार लंकेश ने बार-बार भाजपा के विभाजनकारी तथा नफरत भरे एजैंडे के खिलाफ अपनी लेखनी से एक व्यापक मुहिम चलाई? 
 

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