हुड्डा व तंवर समर्थकों में एक बार फिर शुरू हुई तेज खींचतान

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Saturday, September 2, 2017-7:35 AM

हिसार (संजय अरोड़ा):हरियाणा के गुरुग्राम में 24 सितम्बर को होने वाले नगर निगम चुनाव को लेकर एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थकों व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर के बीच आपसी खींचतान तेज होती नजर आ रही है। गौरतलब है कि इस चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने कल ऐलान किया था कि गुरुग्राम नगर निगम के चुनाव कांग्रेस पार्टी अपने चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी। इस पर हुड्डा समर्थक तुरंत हरकत में आए और उन्होंने तीखे तेवर दिखाते हुए निकाय चुनाव को पार्टी सिम्बल पर न लडऩे का एक प्रस्ताव पारित करते हुए कांग्रेस प्रभारी कमलनाथ को सौंपा और उनसे आग्रह किया कि चूंकि वर्तमान में गुरुग्राम में जिला कांग्रेस कमेटी व शहरी कांग्रेस कमेटियों का पुनर्गठन नहीं किया गया है। ऐसे में पार्टी व कार्यकत्र्ताओं के हित में यह चुनाव सिम्बल पर न लड़े जाएं। 

कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार परिस्थितियों का आंकलन करने के बाद कांग्रेस प्रभारी कमलनाथ ने अंतत: हुड्डा समर्थकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए यह ऐलान कर दिया कि कांग्रेस पार्टी गुरुग्राम नगर निगम चुनाव पार्टी सिम्बल पर नहीं लड़ेगी और उन्होंने इस फैसले की लिखित प्रतियां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस विधायक दल की नेता किरण चौधरी, पार्टी के हरियाणा से संबंधित सभी सांसदों व विधायकों के साथ-साथ कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी व उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी प्रेषित कर दी हैं।

गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर द्वारा गुरुग्राम नगर निगम के चुनाव को लेकर वीरवार को यह वक्तव्य दिया गया था कि ये नगर निगम चुनाव कांग्रेस के सिम्बल पर लड़े जाएंगे। जिस पर गुरुग्राम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के समर्थकों में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की गई और सभी नेताओं ने एक गुप्त स्थान पर बैठक करके उक्त चुनाव सिम्बल पर न लडऩे का प्रस्ताव पारित किया। 

हुड्डा समर्थक इन नेताओं में गुडग़ांव लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार रहे राव धर्मपाल, 2014 में गुड़गांव विधानसभा से कांग्रेस उम्मीदवार रहे धर्मबीर गाबा, पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, पटौदी से पूर्व विधायक रामबीर सिंह, गुडग़ांव शहरी के तत्कालीन जिला अध्यक्ष विपिन खन्ना, तत्कालीन ग्रामीण जिलाध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज, कांग्रेस की महिला राष्ट्रीय सचिव सुनीता सहरावत, जिला महिला अध्यक्ष अनू चौधरी, युवा जिलाध्यक्ष मनीष खटाना, महिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष खुशबु शर्मा मंगला, हरियाणा कांग्रेस के महासचिव खजान सिंह, हरियाणा संगठन मंत्री जितेंद्र राणा, सुशील भारद्वाज, पटौदी से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे सुधीर कुमार चौधरी, सोहना विधानसभा से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे रोहताश बेदी, इंटक के हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष अमित यादव, बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार रहे बिरेंद्र सिंह, दिनेश शर्मा, नरेश कुमार हेलीमंडी पूर्व ब्लाक प्रधान बैठक में शामिल थे। इन नेताओं द्वारा इस आशय का प्रस्ताव कांग्रेस प्रभारी कमलनाथ को दिल्ली में सौंपा गया। 

हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी कमलनाथ ने इस प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त करते हुए अपने लिखित आदेश में कहा कि गुरुग्राम नगर निगम चुनाव की घोषणा हो चुकी है और वर्तमान में वहां न तो जिला कांग्रेस कमेटी है और न ही शहर कमेटी गठित की गई है। ऐसे में सिम्बल पर चुनाव करवाया जाना संभव ही नहीं है। कांग्रेस के हरियाणा प्रभारी ने अपने आदेश में कहा है कि जैसा कि कांग्रेस की परम्परा है गुरुग्राम नगर निगम चुनाव में कांग्रेस अपने सिम्बल पर उम्मीदवार नहीं उतारेगी और न ही कांग्रेस का चुनाव चिन्ह किसी को दिया जाएगा।

तंवर ने की थी चुनाव चिन्ह पर लडऩे की घोषणा
चंडीगढ़ (बंसल): कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने जहां बीते दिवस गुरुग्राम नगर निगम चुनाव पार्टी सिम्बल पर लड़नें  की घोषणा की थी, वहीं पार्टी प्रदेश प्रभारी कमलनाथ ने इस घोषणा पर रोक लगा दी। कांग्रेसी गलियारों में इसे तंवर के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा सिम्बल पर चुनाव लड़ने के खिलाफ थे। अब सवाल उठ रहा है कि क्या तंवर ने बिना पार्टी हाईकमान से सलाह किए यह घोषणा की थी। सूत्रों की मानें तो बीते दिवस तंवर के इस ऐलान के बाद ही हुड्डा खेमा सक्रिय हुआ और कई नेताओं ने पार्टी प्रभारी से मुलाकात कर इसका विरोध जताया। इसके बाद प्रभारी ने इस ऐलान पर रोक लगा दी। बता दें कि पूर्व में भी कांग्रेस स्थानीय निकाय के चुनाव सिम्बल पर नहीं लड़ी जबकि भाजपा ने अधिकतर चुनाव सिम्बल पर लड़े हैं।

नेतृत्व से चर्चा के बाद किया था ऐलान:तंवर
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा के बाद ही गुरुग्राम नगर निगम चुनाव सिम्बल पर लडऩे का ऐलान किया था और पार्टी उपाध्यक्ष भी इससे सहमत थे। पार्टी प्रभारी कमलनाथ का फोन आया था और उन्होंने मुझे सूचित कर दिया था। सिम्बल पर चुनाव नहीं लड़ने से पार्टी समर्थित प्रत्याशियों की खुलकर मदद होगी।

पिछले से घबराई कांगे्रस ने पीछे खींचे कदम:जैन
चंडीगढ़ (संघी): भाजपा, हरियाणा के मीडिया प्रमुख राजीव जैन ने कहा कि देशभर में आत्मविश्वास खो रही कांगे्रस ने गुरुग्राम नगर निगम चुनाव में पार्टी चुनाव चिन्ह पर प्रत्याशी उतारने के अपने प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के बयान के तुरंत बाद यू टर्न लेकर साबित कर दिया कि वह इन चुनावों में पार्टी के बुरे हश्र को दोहराना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अंदर राजनीतिक साहस कमजोर पड़ रहा है। फरीदाबाद नगर निगम चुनाव, नगर परिषद भिवानी व इससे पूर्व नगर निगम चंडीगढ़ के परिणाम में हार का सामना करने वाली कांग्रेस के अंदर छिड़े घमासान पर चुटकी लेते हुए जैन ने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष खुद पार्टी में अलग-थलग पड़ गए हैं।
 

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