ई-लर्निंग में पहला राज्य बना हरियाणा, CM अौर शिक्षा मंत्री की मौजूदगी में हुआ MOU

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Sunday, November 19, 2017-5:55 PM

चंडीगढ़(पांडेय): ई-लर्निंग डिजीटलाइजेशन के विजन को आगे बढ़ाने वाला हरियाणा देश का पहला प्रदेश बन गया है। इस कड़ी में बीते दिन हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा की उपस्थिति में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ऑफ लाइन डिजीटल सामग्री हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के कन्सोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सी.ई.सी.) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। एम.ओ.यू. पर राज्य सरकार की ओर से उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक विजय सिंह दहिया ने और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से सी.ई.सी. के निदेशक प्रो. राजबीर सिंह ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। 
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि बदलते परिदृश्य के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता व अध्ययन पद्धतियां बदल रही हैं और यह कार्यक्रम भी उसी कड़ी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से हमें प्रेरणा मिली है और 6 महीने पहले जब निदेशक राजबीर सिंह ने उनसे मुलाकात की थी तो इस विषय पर चर्चा की थी। उसी कड़ी में दिल्ली दौरे के दौरान सी.ई.सी. केंद्र का अवलोकन भी किया और उसी दिन हरियाणा के विद्याॢथयों के लिए इसे उपलब्ध करवाने की मंशा बना ली थी। 
उन्होंने कहा कि सी.ई.सी. के इस दस्तावेज में 44,000 घंटे की अध्ययन सामग्री है, जिसे देशभर के 3000 से अधिक अध्यापकों ने तैयार किया है। 

उच्चतर शिक्षा के लिए सरकार गंभीर : रामबिलास
शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहा कि उच्चतर शिक्षा को बढ़ाने के प्रति हरियाणा सरकार गंभीर है और इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि 10 फरवरी, 2016 को एक साथ 22 महिला महाविद्यालयों की आधारशिला मुख्यमंत्री ने स्वयं चंडीगढ़ से अपने करकमलों से रखी थी। उन्होंने कहा कि लड़कियों की शिक्षा सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की उच्चतर शिक्षा की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय ने भी गुरुग्राम में अपना एक महाविद्यालय खोलने का प्रस्ताव भेजा है।

हरियाणा ने सबसे पहले दिखाई दिलचस्पी : प्रो. राजवीर
सी.ई.सी. के निदेशक राजबीर सिंह ने कहा कि विभिन्न संचार माध्यमों के उपयोग से देश की शैक्षणिक जरूरतों के समाधान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक नोडल एजैंसी है और इसके उद्देश्यों में से एक उद्देश्य शैक्षिक कार्यक्रमों, विशेष रूप से वीडियो, ऑडियो और संबंधित सहायता सामग्री के उत्पादन और प्रसारण व गैर-प्रसारण पद्धतियों के माध्यम से शैक्षिक कार्यक्रमों का प्रसार करना है। उन्होंने हरियाणा में देश में सबसे पहले लागू करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार जताया।

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