दलित वोटबैंक को संभालने में जुटी कांग्रेस

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Wednesday, September 13, 2017-8:57 AM

चंडीगढ़ (बंसल):भविष्य के चुनावों को ध्यान में रखते हुए सत्ताधारी भाजपा दलित वर्गों के बीच पैठ बनाने की रणनीति पर चल रही है और इसी कड़ी में 2 दिन पहले फतेहाबाद में विमुक्त जातियों का सम्मेलन करके भीड़ जुटाई गई, लेकिन अब कांग्रेस भी दलित वर्ग के वोटबैंक को संभालने में जुट गई है। कांग्रेस प्रदेश के 4 मंडलों अम्बाला, हिसार, रोहतक व गुरुग्राम में दलित सम्मेलन करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के फ्लैट पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष फूल चंद मुलाना, विधायक गीता भुक्कल, उदयभान, जयबीर वाल्मीकि तथा शकुंतला खटक ने पत्रकारों को सम्मेलनों के बारे में जानकारी दी। इन सम्मेलनों के मुख्यातिथि भूपेंद्र हुड्डा होंगे। इन नेताओं ने कहा कि मौजूदा सरकार दलित विरोधी है और सम्मेलनों में सरकार का दलित विरोधी एजैंडों का खुलासा किया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री 2 दिन पहले विमुक्त जातियों के सम्मेलन में 10,000 बेघरों को मकान देने का बातें कर रहे थे, लेकिन सरकार ने गरीबों व दलितों को दिए जाने वाले 100-100 गज के प्लाट की योजना को बंद कर दिया है। इतना ही नहीं, कई स्थानों पर कब्जे भी वापस लिए जा रहे हैं। हुड्डा सरकार ने अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया था जबकि भाजपा सरकार ने आते ही भंग कर दिया। गरीबों व दलितों को शिक्षा के लिए मिलने वाली छात्रवृत्तियों को भी रोका जा रहा है। पूर्व सरकार द्वारा 8 लाख परिवारों को 200 लीटर की टंकी तथा पानी की टूंटी मुफ्त दी गई थी, लेकिन सरकार ने यह योजना भी बंद कर दी। कांग्रेस विधायकों ने बताया कि पिछले दिनों दिल्ली में हरियाणा की दलित पंचायत बुलाई गई थी जिसमें 4 मंडलों में सम्मेलन करने का निर्णय लिया था। यह सम्मेलन 8 अक्तूबर को अम्बाला के साहा में, 29 अक्तूबर को हिसार में, 12 नवम्बर को गुरुग्राम तथा 26 नवम्बर को रोहतक में किए जाएंगे।

पहले कांग्रेसी अपने प्रदेशाध्यक्ष का उत्पीडऩ बंद करें:जैन
भाजपा मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने सरकार दलित उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले कांग्रेसियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह पहले अपने प्रदेशाध्यक्ष का उत्पीड़न करना बंद करें, जो खुद दलित समुदाय से हैं। उन्होंने कहा कि दलित महापंचायत करने के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा की मंशा अशोक तंवर पर हावी होने की रणनीति का हिस्सा है। यहां जारी बयान में जैन ने कहा कि कांग्रेसियों द्वारा दलित उत्पीड़न का विषय उठाना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेसी अपने प्रदेशाध्यक्ष की बैठकों का बहिष्कार करते हैं, उन्हें संगठनात्मक कार्यकारिणी गठन करने से रोकते हैं। गुरुग्राम नगर निगम चुनाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष तंवर पार्टी प्रत्याशी मैदान में उतारने की घोषणा करते हैं, जबकि उनके विरोधी इस निर्णय को जबरदस्ती पलटवाते हैं। इसलिए कांग्रेसियों को चाहिए कि पहले वह अपने नेताओं का सम्मान करना सीखें।

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