बादशाह खान अस्पताल की लापरवाही ने छीनी मासूम सी 'रोशनी'

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Friday, November 17, 2017-9:59 PM

फरीदाबाद(अनिल राठी): जिले के सबसे बड़े सिविल अस्पताल बादशाह खान की लापरवाही से एक बार फिर इस अस्पताल के नाम कलंकित हुआ है। इलाज में लापरवाही की वजह से इस अस्पताल में एक बारह वर्षीय मासूम बच्ची की जान चली गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि, डॉक्टरों की लापरवाही ने उनकी 12 साल की बच्ची की जान ली है। फिलहाल इस मामले में सीएमओ ने जांच कमिटी का गठन किया है। कमिटी के अध्यक्ष डॉक्टर का कहना है कि सात दिन में रिपोर्ट आने के बाद ही मालूम चल पाएगा कि अस्पताल के डॉक्टरों की इलाज में लापरवाही बरती गई है या नहीं और लापरवाही पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

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मूलरूप से दिल्ली की रहने वाली रोशनी बल्लबगढ़ के कुम्हार वाड़ा में अपने रिश्तेदार के यहां आई हुई थी। जिसे बुखार हुआ तो बल्लबगढ़ सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर कर दिया। बच्ची के मामा की सुभाष ने बताया कि, बल्लबगढ़ अस्पताल में जांच में मालूम चला कि बच्ची को डेंगू है तो वे 16 नवंबर को बच्ची को बीके अस्पताल में ले आए, लेकिन अस्पताल में बच्ची को सही इलाज नहीं मिला। उन्होंने बताया कि इसके पहले बच्ची की हालत ठीक थी लेकिन वीरवार दोपहर के बाद उसकी तबियत बिगडऩे लगी और उसे उल्टियां होने लगी।

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परिजनों ने आरोप लगाया कि, डॉक्टरों ने तबियत बिगडऩे पर बच्ची का इलाज नहीं किया गया, यही नहीं इलाज के लिए कहने पर उन्हें वहां से भागा दिया गया। वीरवार की रात सुभाष की बहन का फोन आया कि रोशनी को डॉक्टर यहां से रेफर कर रहे हैं, आज सुबह मालूम चला कि बच्ची की मौत हो गई है।  परिजनों का कहना है कि बच्ची की मौत इलाज में लापरवाही के कारण हुई है।

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इस मामले में जांच टीम के अध्यक्ष डॉ. वीरेंदर यादव ने बताया कि, जांच कमेटी सात दिन में अपनी रिपोर्ट दे देगी, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में भी उन्हें पूरी मदद मिलेगी।

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