कांग्रेस के 2 गुटों में घमासान, तंवर की 'रोजी-रोटी' छिनेंगे हुड्डा

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Tuesday, September 26, 2017-5:21 PM

फरीदाबाद(अनिल राठी): दो धड़ों में बटी कांग्रेस की मूछों की लड़ाई अब खुलकर सामने दिखाई दे रही है। पिछले हफ्ते बल्लभगढ़ में अशोक तवर गुट ने रोजी रोटी रैली करके  अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की थी, वहीं अब आगामी 1 अक्टूबर को बल्लभगढ़ में हुड्डा गुट किसान मजदूर रैली का आयोजन करने की तैयारी कर रहा है जिसमें भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्य वक्ता के रूप में पहुचेंगे। 
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इस रैली के माध्यम से हुड्डा गुट अशोक तंवर गुट को नीचा दिखाने के लिए भीड़ जुटाने में लग गया है। इसी कड़ी में आज पिछला चुनाव हारे कांग्रेसी नेता लखन सिंगला ने कार्यकर्ता सम्मेलन करके भारी संख्या में इस रैली में कार्यकर्ताओं को शिरकत करने का न्योता दिया। हुड्डा गुट हजारों की संख्या में भीड़ जुटाने का दावा कर रहा है। इस कार्यकर्ता सम्मेलन में समालखा के पूर्व कांग्रेसी विधायक धर्म सिंह छोकर ने भी लोगों को संबोधित किया और रैली में रिकॉर्ड तोड़ भीड़ जमा होने का दावा किया।वहीं स्थानीय कांग्रेसी नेता लखन सिंगला ने बल्लमगढ़ में होने वाली किसान मजदूर रैली की पूरी कमान अपने हाथ में ले रखी है। 
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स्थानीय कांग्रेसी नेता लखन सिंगला ने कहा कि बीजेपी बार बार यही कहती है कि उनके राज  में कोई घोटाला सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि जब बीजेपी ने कोई विकास कार्य ही नहीं किया तो घोटाला कैसे सामने आएगा। जबकि अपनी ही बातों में वह फंस गए कि कांग्रेस के राज में विकास और घोटाले भी हुए। जब इस मुद्दे पर उनसे पत्रकारों ने सवाल किया तो वह तो वह इस सवाल का कोई जवाब नहीं दे सके अौर कांग्रेस के विकास कार्य को गिनवाने लगे लेकिन वह सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए कि कांग्रेस के विकास कार्यों में घोटाले भी हुए हैं। 

इस मौके पर समालखा के पूर्व विधायक धर्म सिंह छोकर ने भी इस रैली में हजारों की भीड़ पहुंचने के दावे किए और हुड्डा सरकार के विकास कार्यों के कसीदे पढ़े लेकिन इतना साफ हो गया है कि कांग्रेस में आज भी दो गुट अलग अलग दिशाओं में चल रहे हैं और 1 अक्टूबर को होने वाली हुड्डा की किसान मजदूर रैली इस बात की गवाह बनेगी। यह रैली अशोक तंवर के द्वारा आयोजित की गई रोजी-रोटी रैली का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए की जा रही है। देखना होगा कि आने वाले समय में राहुल गांधी या सोनिया गांधी इन दो गुटों को एक करने में कामयाब होंगे या नहीं यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन फिलहाल की परिस्थितियों में यह गुटबाजी कांग्रेस को धरातल पर ला सकती है।
 

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